चतरा/गिद्धौर। जिले में आस्था एवं विश्वास का प्राकृतिक त्यौहार करमा पर्व गुरुवार को करम डार के नदी, तालाब आदि में विसर्जन के साथ धूमधाम से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। आस्था एवं विश्वास का प्रतीक करमा पर्व बड़े हैं धूम धाम से जिले में मनाया गया। बहनों द्वारा भाइयों की मंगल कामना को लेकर अपने भाई के मंगल कामना एवं अप्रिय घटनाओं से बचाने को लेकर करम डाली की पूजा कर संपन्न किया। इस दौरान पारंपरिक एवं सांस्कृतिक रिवाज के अनुसार गांव में करम डाली गाडकर झूमर गीत गाण कर पूजा किया गया। बहने पूरे 12 घंटे निर्जला उपवास कर रात को भाई के लंबी उम्र के कामना को लेकर पूजा किया। पर्व का सबसे बड़ा महत्व यह भी है कि वर्षा ऋतु में लगाए गए धान के खेतों में भी करम डाली गाड़ी जाती है। गुरुवार को करम डाली का विसर्जन अलग-अलग तरीकों से पारंपरिक रिवाज से किया गया। गिद्धौर प्रखंड में कहीं साग भात कहीं अंकुरित चना मटर कहीं खीरा गुड़ अरवा चावल प्रसाद के रूप में वितरण किया गया। वहीं काशी के फूले हुए फूल तथा काशी का बनाया हुआ कंगन भी की पूजा कर करम डाली को नदी-तालाब में विसर्जन करने के उपरांत अपने भाइयों को विभिन्न प्रकार के सब्जियों के साथ भात दाल का भोजन कराने के बाद खुद भोजन की।
आस्था व विश्वास का प्राकृतिक करमा पूजा करम डार के विसर्जन के साथ संपन

On: September 5, 2025 12:29 AM

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