चतरा/सिमरिया। आस्था एवं विश्वास का प्रतीक कर्मा पर्व बड़े हैं धूम धाम से जिले में बुधवार को मनाया गया। इस दौरान कर्मा की पारम्परिक गीतों से झूम उठा शहर से लेकर सुदूरवर्ती गांव। बहनों द्वारा भाइयों की मंगल कामना को लेकर किया जाने वाला कर्मा त्योहार सिमरिया, पत्थलगड़ा, गिद्धौर, कान्हाचट्टी, प्रतापपुर, टंडव आदि प्रखंडों में बड़े ही हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। भादो महीने के शुक्लपक्ष की एकादसी को पद्म एकादसी के नाम से जाना जाता है जिसे कर्मा एकादसी भी कहते हैं। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और प्रकृति पूजन का प्रतीक है। भाई और बहन के रिश्ते में प्रेम व सौहार्द बढ़ाने के लिए यह पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। मान्याता के अनुरुप बहने अपने ससुराल से भाई के घर आकर भाई की समृद्धि एवं खुशहाली के लिए इस दिन निर्जला उपवास भी रखती है। कर्मा त्योहार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं है बल्कि यह मानव और प्रकृति के गहरे संबद्ध, कृषि से जुड़े कार्यों एवं परिवारिक रिश्तों की मजबूती का भी प्रतीक है। इस दिन भाई अपने बहनों को कर्म पेड़ की डाल लाकर बहनों को देता है, जिसे बहनों द्वारा पारम्परिक रीति रिवाज से आंगन में लगाकर पूरे विधि विधान से पूजा करती हैं एवं अपने भाइयों की सुख समृद्धि को लेकर कामना करती है तथा रात भर जागरण कर पारम्परिक गीत गा गा कर नाचती झूमती हैं। सिमरिया प्रखंड में प्रकृति पर्व कर्मा बड़े ही आस्था के साथ मनाय गया। इस मौके पर बहने भाईयों के लंबी उम्र के लिए दिन भर उपवास रख कर रात्रि में करम की डाली गाड कर पूजा अर्चना कर रात भर जागरण की। जबकी दिन में किसान अपने मकान और फसलों में भी करम की डाली गाड़े। यह पर्व झारखंड सहित कई राज्यों में अच्छी फसल व स्वास्थ्य की कामना के लिए मनाया जाता है। करम देवता को शक्ति, यौवन और युवावस्था का देवता माना जाता है। यह पर्व प्रकृति और उसकी शक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करता है। दुसरे दिन पूजा के बाद, विभिन्न प्रकार के अंकुरित अनाज, खीरा और गुड़ का प्रसाद बांटा जाता है। इसके बाद अगले साल आने के न्योता देकर नदी-तालाब में कर्म डाली का विसर्जन किया जायेगा।
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लोहरदगा मंडल कारा में “मुलाकात कानूनी सहायता केंद्र” का शुभारंभनालसा नई दिल्ली और झालसा रांची के निर्देशानुसार व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा श्री राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में मंडल कारा, लोहरदगा परिसर में 12 मई 2026 को मंडल कारा के बंदियों के परिजनों को कानूनी सहायता, सुगम मुलाकात तथा उनकी समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से *”मुलाकात कानूनी सहायता केंद्र”* की शुरुआत की गई। इस दौरान डालसा सचिव श्री मनोरंजन कुमार, प्रभारी जेलर मो सोनू एलएडीसीएस चीफ श्री नसीम अंसारी सहित जेल के पुलिस बल व पीएलवी उपस्थित थे। डालसा सचिव ने बताया कि इस सहायता केंद्र का उद्देश्य बंदियों के परिजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, बंदियों से सुगम मुलाकात सुनिश्चित कराना, उनके समस्याओं का समाधान करना और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। वहीं डालसा सचिव ने बताया कि इस केंद्र में पीएलवी की भी नियुक्ति की गई है। जो मंडल कारा, लोहरदगा के बंदियों से मुलाकात करने पहुंचे उनके परिजन या परिचित को कानूनी जानकारी और सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही बंदी से मुलाकात करने आए लोगों से उनका विवरण तालिका में अंकित करेंगे। जिसमें मुलाकात करने आने वाले का नाम, पता, किससे मुलाकात करनी है, मामले का विवरण, पुलिस स्टेशन, न्यायालय जहां मामला लंबित है. मामले का चरण, सुनवाई की अगली तारीख, कानूनी सहायता अंतर्गत वकील की जानकारी सहित अन्य जानकारी तालिका में अंकित करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक स्थान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर और मुलाकात स्थल का निरीक्षण कर स्वच्छता, पेयजल और बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही मंडल कारा के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुलाकात व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि परिजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

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