प्रतापपुर (चतरा)। खुले में छोड़े गए आवारा पशुओं की समस्या ने एक और परिवार को उजाड़ दिया। बीते शनिवार देर रात प्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापपुर-योगियारा मार्ग पर पोस्ट ऑफिस के पास सड़क के बीच बैठी गाय से टकराकर गंभीर रूप से घायल हुए बभने गांव निवासी रूपेश चौधरी के भतीजे विनय चौधरी उर्फ बड़कू चौधरी 28 वर्ष की मौत बीते रात रांची रिम्स में इलाज के दौरान हो गई। मालूम हो कि बड़कू चौधरी के घायल होने के बाद प्रतापपुर पेट्रोलिग पार्टी द्वारा थाना प्रभारी कासिम अंसारी के पहल पर गंभीर हालत में प्रतापपुर अस्पताल भेजवाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद चतरा सदर अस्पताल और वहां से रांची रिम्स रेफर कर दिया गया था। जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। वहीं इस हादसे के बाद गांव और इलाके में मातम छा गया है। विनय चौधरी के मौत के बाद इसका पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार 6 माह पहले इसके भाई अजय चौधरी का निधन हुआ था और सहदेव चौधरी जो इनके पिताजी थे उनका निधन तो बहुत पहले हो गया था ऐसे में अब सिर्फ घर में एक बूढी मां, रोती बिलखती पत्नी और दो दूधमुहे बच्चे जिनकी उम्र 5 और 3 साल है। ऐसे में उनका भ्रण पोषण कैसे होगा, इस बात की चर्चा हो रही है। बताते चलें की प्रतापपुर प्रखंड मुख्यालय में कई पशुपालक अपने जानवरों को खुले में छोड़ देते हैं। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि अपराध है। आए दिन इस कारण हादसे होते हैं। थाना प्रभारी क़ासिम अंसारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि जो पशुपालक अपने जानवरों को खुले में आवारा घूमने के लिए छोड़ेंगे उन पर विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी का असर है कि अब पहले की तरह सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा जानवर दिखाई नहीं दे रहे हैं। संभव है कि यह कदम आने वाले दिनों में कारगर साबित हो और इस तरह की दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में मदद करे।
खुले में छोड़े गए जानवर ने ली एक और जान, हादसे में घायल युवक की इलाज की दौरान मौत

On: August 15, 2025 10:20 AM

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