झारखण्ड/गुमला -घाघरा प्रखंड के टांगर सिकवार गांव में भारी बारिश के कारण 55 वर्षीय अनु देवी का घर पूरी तरह से भरभरा कर जमींदोज हो गया। घर गिर जाने से पूरे परिवार के सामने आफत आ खड़ी हुई है। इस संबंध में अनु देवी ने बताया कि भारी बारिश के कारण उसका घर गिर गया है। घर में उसका बेटा बहू के अलावा चार पोता पोती रहते हैं।रहने के लिए उनके पास अब घर नहीं बचा, दूसरे के घर में आश्रय लेकर रह रहे हैं। अनु ने प्रखंड प्रशासन से सहयोग मांगते हुए कहा कि प्रशासन उसको घर मुहैया कराया जाय ताकि वह दूसरे के घर में आश्रय लेकर रह रही है। उसे अपना आशियाना मिल सके। घर गिर जाने के कारण अनु के पास रखे खाद्यान्न भी नष्ट हो गए जिसके कारण उसके पास खाने के लिए अनाज भी नहीं है। वही प्रखंड क्षेत्र के सारंगों पंचायत स्थित नाथपुर गांव के संतोष प्रजापति का भी घर गिर गया है। संतोष के पास भी रहने के लिए घर नहीं है उसने भी प्रशासन से घर मुहैया करने का मांग किया।
बंगाल की खाड़ी में तुफान और बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है लगातार तीन दिन से हो रही बारिश ने गुमला जिले के खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब तबके के लोगो को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है उनके सामने रोजी-रोटी और सर छुपाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है कच्चे मकानों में रहते हुए किसी प्रकार अपनी जीविकापार्जन कर रहे थे और भारी बारिश से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहा जाता है कि अगले दो दिनों तक और बारिश रहने की संभावना है। यह बारिश उन सरकार और प्रशासन की खोखली योजनाओं को भी उजागर कर दी है चाहे केंद्र सरकार की योजना हो या झारखण्ड सरकार की नाकामियों को दर्शाता है कि गरीबों तक उनकी संचालित महत्वाकांक्षी योजना नहीं पहुंच पाई है।



















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