लोहरदगा: रविवार को लोहरदगा एम जी रोड स्थित झखरा कुम्बा में राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा जिला समिति ने राष्ट्रीय सरना धर्म गुरू स्व0 जयपाल उरांव का द्वितीय पुण्यतिथि मनाया गया। जिला समिति धर्म गुरू फूलकेश्वर उरांव की अगुवाई में अन्ना आदि प्रार्थना करके राष्ट्रीय सरना धर्म गुरू स्व0 जयपाल उरांव के चित्र पर माल्यार्पण व कांसा लोटा में आम का पलव और अक्षत पुष्प अर्पित कर उनको याद किया गया। मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सोमे उरांव, कोर कमिटी सदस्य सुधू भगत, केन्द्रीय कोषाध्यक्ष बिरसा उरांव, राष्ट्रीय महासचिव जालेश्वर उरांव, जिला समिति जिला सचिव सुकेद्र उरांव, कृष्ण उरांव,हरिश उरांव, शंकर उरांव, बिहारी भगत, महिला प्रकोष्ठ से जयंती उरांव, बिसनी उरांव, सुमती उरांव, जयंती पन्ना, प्रभा भगत, महमनिया उरांव, बसंती उरांव, मानकी उरांव, ब्रजमोहन उरांव, ट्राईबल चैम्बर ऑफ कॉमर्स लोहरदगा मेम्बर्स लोग मौजूद थे। मौके पर सभा को संबोधन करते हुये राष्ट्रीय महासचिव जालेश्वर उरांव ने कहा कि स्व0 जयपाल उरांव एक आदिवासी समुदाय के लिए समाज में अंध विश्वास को दूर करने के लिए समाज एक जूट करने का काम किया । उनका चरित्र, गरिमामय, आचरण, सभी समाज के लिए शुभ चिंतक था, विचार धारा, महान आत्मा के रूप में है। उन्होंने ने कहा कि जयपाल उरांव की पढ़ाई लिखाई गुमला जिला में किया और वो आदिवासी समुदाय संगठनों के कार्य के लिए दिन रात जागाने का काम किया है। उनकी गरिमा आज भी आदिवासी समुदाय के लिए गौरवान्वित है। आदिवासियों समुदाय के बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों की सहमति से राष्ट्रीय धर्म गुरू जयपाल उरांव को बनाया गया। उन्होंने ने बताया कि किसी के सहयोग के लिए बिना सवारी के भी पैदल निकल जाते थे और वे नि: स्वार्थ भाव से समाज के लिए सेवा कर्तव्य से समाज पर चल पड़े। जो इस धरती पर आया है उसे
प्रकृति के नियम अनुसार जन्म लिया है तो उसकी मृत्यु अवश्य होगा। जालेश्वर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुये स्व जयपाल उरांव की जीवनी के बारे पूरी जानकारी दिये। उनके जीवन से हम सभी सरना आदिवासी समुदाय के लोगों को प्रेरणा लेना चाहिए।
आदिवासी समुदाय के लिए जयपाल उरांव हमेशा जिन्दा रहेंगे: जालेश्वर उरांव
By Anita Kumari
On: August 25, 2024 7:22 PM

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