तिरंगे में लिपटे शहीद जवान के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, 10 किलोमीटर तक पुष्प वर्षा करते रहे लोग

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मातमी धुन बजाकर शहीद को दिया गया 16 तोपो की सलामी, झुक गए अस्त्र शस्त्र

पिता ने दिया मुखग्नी, सैनिक सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुवे वीरता पुरस्कार से अलंकृत अमित

न्यूज स्केल टीम
चतरा। जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड अंतर्गत राजपुर गांव निवासी अरुण दांगी के 35 वर्षीय पुत्र बीएसएफ जवान अमित कुमार का इलाहाबाद-प्रयागराज में 18 फरवरी के रात्रि रेल हादसा में मौत होने के बाद तिरंगे में लिपटे शहीद का पार्थीव शरिर पहुंचा गांव। अमित की पोस्टिंग गुजरात के भुज जिले में थी और ओ अपने ससुर के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर घर आ रहे थे। इसी क्रम में एक रेल हादसा में उनकी मौत हो गई थी। बुधवार को तिरंगे में लिपटे शहीद जवान पैतृक गांव राजपुर पहुंचा और गांव के शमशान घाट पर सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा था। कान्हाचट्टी प्रखंड सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग अंतिम यात्रा में पहुंचे थे।

10 किलोमीटर तक बच्चों से लेकर जवान-बूढ़े तक बरसाते रहे फूल

शहीद जवान के शव को लेकर फूलों से सजी रथ जब ऊंटा मोड़ मोड़ पहुंची तो जवान के सम्मान में ऊंटा मोड़ से लेकर राजपूर तक बच्चे, बूढ़े-जवान सभी फूल बरसा कर जवान को सलाम किया। उस वक्त सभी के आंखें नम थी और सभी के मुंह से एक ही नारा निकल रहा था शहीद अमित कुमार अमर रहे भारत माता की जय।

जवान को मातमी धुन बजाकर 16 तोपों की दी गई सलामी, जवान के पिता ने दिया मुखग्नी

शहीद जवान का पार्थीव शरिर राजपूर श्मशान घाट पर पहुंची तो हजारीबाग के मेरु कैंप से आए हुए बीएसएफ के अधिकारियों ने शहिद के सम्मान में मातमी धुन बजाकर 16 तोपों की सलामी दी। उसके बाद तिरंगे में लिपटे जवान के उपर से तिरंगे को उठाकर सम्मान के साथ उसकी पत्नी को सौंप दिया गया। उसके बाद पिता अरुण दांगी ने दिवंगत पुत्र को मुखग्नि दी। इस दौरान गगनभेदी देशभक्ति नारों से पूरा शमशान घाट गूंज उठा।

अमित बनाना चाहते थे बेटियो को बड़ा ऑफिसर, सरकार करे हमे मदद। पत्नी

बीएसएफ अधिकारियों ने जब तिरंगे में लिपटे शहीद जवान अमित को उसके घर लेकर पहुंचे तो शहीद कीपत्नी सहित परिवार के अन्य सदस्य चीख मार मार कर रोने लगे। उसके बाद दिवंगत की पत्नी ने शहीद अमित कुमार अमर रहे भारत माता की जय के नारा भी लगाई। तत्पश्चात उन्होंने अधिकारियों को अपने दर्द भरी व्यथा सुनाते हुए कहा की अमित हमेशा अपने बेटियों को अपने से बड़ा ऑफिसर बनाने का सपना देखते थे जो ओ पूरा नही कर सके। मैं उनके अधूरे सपने को पूरा करना चाहता हूं, उन्होंने इसके लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई और सरकार से सरकारी नौकरी व बेटियों की पढ़ाई लिखाई के लिए समुचित व्यवस्था करने की अपील की, जिस पर अधिकारियों ने उनका मांगे को पूरा करने में उनकी मदद करने का भरोशा भी दिया।

शव यात्रा में मुख्य रूप से जिप उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी, पूर्व विधायक जनार्दन पासवान, मुखिया छोटू सिंह, पूर्व जिलापरिसद उम्मीदवार सौरभ सिंह, अरुण सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश सिंह, भाजयुमो नेता राजेश सिंह, बब्लू भुइया, आजसू प्रखंड अध्यक्ष मुकेश सिंह, कमांडो रजक, मिथलेश सिंह, विवेक सिंह, संतन दांगी, कृष्णा पासवान, प्रमुख इंदु देवी, पप्पू विश्वकर्मा, प्रिंस केशरी, चंदन केशरी, जेबीकेएसएस जिला उपाध्यक्ष श्रवन रविदास सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल थे।

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