झारखण्ड/गुमला- घाघरा प्रखंड के बहदुरा गांव में पड़हा मिलन समारोह का आयोजन बुधवार को किया गया. इस दौरान टोटो से लगभग 500 की संख्या में पारंपरिक वेशभूषा के साथ महिला पुरुष व बच्चे पहुंचे. इस दौरान बहदुरा गांव के लोगों के द्वारा भव्य स्वागत किया गया. यहां बता दे कि यह पड़हा मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन लगभग 1983 से पहले से चला आ रहा है जो प्रत्येक 5 वर्षों में किया जाता है. इस मौके पर पूर्व मुखिया झरी उरांव ने बताया कि प्रत्येक 5 साल में पड़हा मिलन समारोह का आयोजन दोनों गांव के बीच किया जाता है. बुधवार को टोटो गांव से लोग समारोह में शामिल होने के लिए बहादुर गांव आए है. 25 नवंबर को पुनः बहदुरा गांव से टोटो जाया जाएगा. इस कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय के अलावे गांव के हर एक वर्ग के लोगों के सहयोग से यह भव्य कार्यक्रम को संपन्न किया जाता है. कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताते हुवे पूर्व मुखिया झरी उरांव ने बताया कि पारंपरिक रीति रिवाज का संरक्षण करना करमा, सरहुल, पड़हा जतरा अन्य सभी तरह के त्योहार को आने वाले पीढ़ी को बताना जिससे हमारी परंपरा पहचान बनी रहे. उन्होंने कहा शिक्षा एक धन है जो मनुष्य जीवन में अत्यंत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षा से हमारा जीवन को गतिशील बनाता है. शिक्षा हमारे जीवन सिर्फ नौकरी ही नही बल्कि शिक्षा से अच्छी सोच सही निर्णय का विकास होता है. मनुष्य कितने भी आधुनिक हो जाए लेकिन अपने जमीन समाज एवं संस्कृति कभी नहीं भूलना चाहिए. कार्यक्रम के उपरांत विधिवत सबका विदाई किया गया. इस मौके पर मुख्य रूप से मुखिया अंगनी उरांव, झरी उरांव, दिनेश उरांव, शंकर उरांव, भैयाराम उरांव, शांति सुमन टोप्पो, सरिता भगत, जयराम उरांव, बिसुन उरांव, संजय उरांव, बबलु उरांव, उमाशंकर साहू, कैलाश साहू, रमेश पहान, मांगे उरांव, रवि पांडे, देवदीप पांडे सहित कई लोग मौजूद थे।
घाघरा प्रखंड के बहदुरा गांव में पड़हा मिलन समारोह का आयोजन बुधवार को किया गया
By Ajay Sharma
On: November 22, 2023 4:53 PM
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