पीसीसी सड़क निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप! संवेदक ने बीच राह में छोड़े गड्ढे, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
न्यूज स्केल लाइव
चतरा (पत्थलगड़ा)। पत्थलगड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिंघानी पंचायत में सरकारी राशि के दुरुपयोग और संवेदक की मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत के गुजरी गेट से रेवा पुल तक बनाई जा रही पीसीसी (PCC) सड़क के निर्माण कार्य में घोर अनियमितता बरते जाने का गंभीर आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि निर्माण कार्य में न सिर्फ घटिया निर्माण सामग्री का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है, बल्कि संवेदक द्वारा विभागीय एस्टीमेट और मानकों को पूरी तरह ताक पर रखकर कार्य कराया जा रहा है।
बीच राह में गड्ढे और निर्माण सामग्री छोड़ संवेदक गायब, राहगीर हो रहे लहूलुहान
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब 20 दिनों से इस पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा है। आरोप है कि संवेदक लक्ष्मी साव द्वारा मुख्य चालू सड़क पर पूर्व की पीसीसी को जेसीबी से तोड़कर बड़े-बड़े गड्ढे कर छोड़ दिए गए हैं।
इसके साथ ही भारी मात्रा में बालू और गिट्टी को भी व्यवस्थित करने के बजाय बीच सड़क पर ही बिखेर दिया गया है, जिससे पूरा आवागमन बाधित हो गया है। इस लापरवाही के कारण:
दैनिक राहगीरों, छोटे-बड़े वाहनों और सुबह-शाम आने-जाने वाले स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बेतरतीब बिखरी गिट्टी और गड्ढों के कारण आए दिन लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब तक कई राहगीरों के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो चुके हैं और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
लागत ₹22 लाख, खेल मोटाई का: किनारों पर 6 इंच, बीच में पतली ढलाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, चतरा के माध्यम से डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT मद) से लगभग 22 लाख रुपये से अधिक की लागत से इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। सरकारी योजना के तहत सड़क की कुल मोटाई 6 इंच और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है।
कागजी खानापूर्ति का खेल: ग्रामीणों ने मौके पर धांधली का पर्दाफाश करते हुए आरोप लगाया कि संवेदक द्वारा केवल किनारों (साइड्स) पर 6 इंच की अधिक मोटाई दिखाकर विभागीय जांच को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जबकि बीच सड़क पर बेहद पतली ढलाई कर मानकों की खानापूर्ति की जा रही है। तकनीकी रूप से कमजोर होने के कारण सड़क अभी से ही कई स्थानों पर धंसने लगी है और वहां पानी जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
इंजीनियर ने काटा फोन, प्रखंड प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि से बन रही सड़क की निगरानी को लेकर प्रखंड प्रशासन या कनीय अभियंताओं की ओर से धरातल पर कोई पहल नहीं की जा रही है। अभियंताओं के तकनीकी निर्देशों की सरेआम अनदेखी कर सरकारी राशि को पानी की तरह बहाया जा रहा है।
इस धांधली की शिकायत दर्ज कराने के लिए जब ग्रामीणों ने विभाग के अभियंता अनिल कुमार से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का लगातार प्रयास किया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका और कॉल अनसुनी कर दी गई।
गुणवत्ता जांच नहीं हुई तो उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे ग्रामीण
सिंघानी पंचायत के आक्रोशित ग्रामीणों ने चतरा उपायुक्त रवि आनंद और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की जोरदार मांग की है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते संवेदक की मनमानी पर रोक लगाकर सड़क की गुणवत्ता दुरुस्त नहीं की गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चक्का जाम कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।























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