उपायुक्त के नेतृत्व में सरकारी परिसरों और प्रमुख चौक-चौराहों पर मिट्टी के घड़ों से राहगीरों को मिल रहा शीतल पेयजल; अनावश्यक धूप में बाहर न निकलने और लू से बचाव की गाइडलाइंस जारी
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिला सहित समूचे झारखंड प्रदेश में आसमान से बरसती आग, रिकॉर्ड तोड़ बढ़ते तापमान और जानलेवा हीट वेव (लू) के थपेड़ों से आम जनमानस को सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देश पर चतरा जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और रेस हो गया है. चतरा जिले के संवेदनशील उपायुक्त (DC) रवि आनंद के कुशल नेतृत्व में संपूर्ण जिले भर में आम नागरिकों, राहगीरों, दिहाड़ी मजदूरों और यात्रियों की सुविधा के लिए युद्ध स्तर पर व्यापक पैमाने पर ‘शीतल प्याऊ’ की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.
बढ़ते पारे को देखते हुए जिला मुख्यालय के मुख्य मार्गों, सभी प्रखंड कार्यालयों, विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय परिसरों एवं जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों-बाजारों पर स्वच्छ, शुद्ध एवं शीतल पेयजल की उपलब्धता 24 घंटे सुनिश्चित कराई जा रही है, ताकि आम जनता को इस भीषण उमस और लू की मार से तत्काल राहत मिल सके.
अधिकारियों को कड़े और सीधे निर्देश— पानी खत्म हुआ या गंदगी मिली तो खैर नहीं
चतरा जिला प्रशासन द्वारा इस राहत कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है. उपायुक्त रवि आनंद ने पीएचईडी (PHED), नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारियों और सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) व अंचल अधिकारियों (CO) को कड़े लहजे में सीधे विधिक निर्देश जारी किए हैं:
“जिले में जहां भी प्याऊ स्थल बनाए गए हैं, वहां नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की री-फिलिंग की जाए. प्याऊ के आसपास के क्षेत्रों में पूरी तरह कीटनाशकों का छिड़काव और साफ-सफाई बनाए रखना अनिवार्य होगा. इस भीषण तपती धूप में पानी पीने आने वाले किसी भी राहगीर या आमजन को पानी की किल्लत या किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, अन्यथा संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी.”
कुदरती अहसास: मिट्टी के घड़ों से बुझ रही है प्यास; ओआरएस और जागरूकता पर जोर
प्रशासनिक संवेदनशीलता की सबसे कड़क बानगी यह है कि चतरा जिले के विभिन्न कार्यालय परिसरों और संकीर्ण सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक वाटर कूलर के साथ-साथ पारंपरिक विधा को अपनाते हुए बड़े पैमाने पर मिट्टी के घड़ों (मटकों) के माध्यम से शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है. मिट्टी के घड़ों का पानी अत्यधिक स्वास्थ्यवर्धक होने के कारण राहगीर इसकी जमकर सराहना कर रहे हैं.
पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था करने के साथ-साथ जिला प्रशासन की स्वास्थ्य विभाग की टीमें और सहिया बहनें सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को हीट वेव (Heat Wave) से बचाव के घरेलू नुस्खे, ओआरएस (ORS) के घोल के पैकेट वितरित करने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के प्रति लगातार जागरूक भी कर रही हैं.
चतरा जिला प्रशासन की आम जनता से विशेष और जरूरी अपील:
चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के प्रकोप को देखते हुए चतरा जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक विशेष विधिक एडवाइजरी (दिशा-निर्देश) जारी करते हुए निम्नलिखित अपील की है:
अनावश्यक बाहर न निकलें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब तक कोई बेहद जरूरी या आपातकालीन काम न हो, तेज धूप में घरों या कार्यालयों से बाहर बिल्कुल न निकलें.
हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या ओआरएस का सेवन करते रहें.
दिशा-निर्देशों का अनुपालन: आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गर्मी एवं लू से बचाव को लेकर जारी किए गए सभी स्वास्थ्य सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें.
चतरा जिला प्रशासन द्वारा आमजनों की सुविधा, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं इस प्राकृतिक प्रकोप से बड़ी राहत दिलाने को लेकर सभी आवश्यक जमीनी व्यवस्थाएं लगातार और अधिक कड़क तरीके से सुनिश्चित की जा रही हैं.






















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