लाखों के राजस्व का चूना, बालू ढुलाई में नाबालिगों से कराई जा रही है ट्रैक्टर ड्राइविंग; दो दिन पहले ट्रैक्टर की चपेट में आने से हुई थी महिला की मौत, प्रशासन मौन; डीसी से कार्रवाई की मांग
गिद्धौर (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र से इन दिनों प्राकृतिक संसाधनों की बेरहमी से लूट और प्रशासनिक साठगांठ का एक बेहद ही गंभीर व सनसनीखेज मामला सामने आया है। गिद्धौर प्रखंड की विभिन्न नदियों और तटों से इन दिनों अवैध बालू उत्खनन (Illegal Sand Mining) का धंधा चरम पर है। स्थानीय बालू माफिया नियमों को ताक पर रखकर दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक नदियों का सीना चीर रहे हैं और इस अवैध बालू का उठाव कर पड़ोसी जिले हजारीबाग में ऊंचे और रिकॉर्ड दामों पर बेच रहे हैं। माफियाओं के इस सिंडिकेट के कारण झारखंड सरकार को हर दिन लाखों रुपये के राजस्व (Revenue Loss) का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और स्थानीय पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
नाबालिग हाथों में ट्रैक्टर के स्टीयरिंग; मासूमों से कराया जा रहा है बालू लोड
इस अवैध धंधे का सबसे स्याह और डरावना पहलू यह है कि बालू माफिया अपने मुनाफे के लिए कानून की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। ट्रैक्टरों के जरिए होने वाले इस अवैध परिवहन में बड़े पैमाने पर नाबालिग बच्चों (Child Labor) को झोंक दिया गया है। इन मासूम बच्चों से न केवल कड़क धूप में नदियों से बालू लोड कराने का अमानवीय काम कराया जा रहा है, बल्कि बिना किसी विधिक लाइसेंस और प्रशिक्षण के उनसे भारी-भरकम ट्रैक्टर भी चलवाए (नाबालिग ड्राइविंग) जा रहे हैं। बिना अनुभव के सड़कों पर सरपट दौड़ते इन यमदूत नुमा ट्रैक्टरों के कारण हर वक्त भीषण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे राहगीरों की जान हमेशा हलक में अटकी रहती है।
दो दिन पूर्व ही ट्रैक्टर ने ली थी महिला की जान; घंटों हुआ था उग्र प्रदर्शन
माफियाओं की इसी बेलगाम रफ्तार और नाबालिग ड्राइविंग का खूनी परिणाम दो दिन पूर्व ही देखने को मिला था, जब गिद्धौर क्षेत्र में अवैध बालू का परिवहन कर रहे एक अनियंत्रित और ओवरलोडेड ट्रैक्टर ने राह चलती एक बेकसूर महिला को बेरहमी से कुचल दिया था। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा था और आक्रोशित लोगों ने शव को बीच सड़क पर रखकर घंटों मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम रखा था। उस दौरान जमकर हंगामा और उग्र प्रदर्शन भी हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई का खोखला आश्वासन देकर जाम हटवाया था, लेकिन धरातल पर आज भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सूखने लगे जल स्रोत, नदियों का अस्तित्व खतरे में; जनता ने डीसी से लगाई गुहार
लगातार और अनियंत्रित रूप से नदियों से बालू का अवैध उठाव होने के कारण स्थानीय नदियों का हाल पूरी तरह बेहाल हो चुका है। नदियों के स्वरूप के साथ हो रही इस भारी छेड़छाड़ के कारण क्षेत्र का वाटर लेवल (भूजल स्तर) तेजी से घटने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में समूचे गिद्धौर प्रखंड में भयावह जल संकट पैदा होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को लेकर चतरा जिले के मुस्तैद उपायुक्त (DC) रवि आनंद से सीधे हस्तक्षेप करने की विधिक गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पर्यावरण और इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ करने वाले इस अवैध बालू उत्खनन तथा जानलेवा नाबालिग ड्राइविंग को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए और संलिप्त माफियाओं व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




















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