एनएच-22 पर पीछे से यमदूत ट्रक ने मारी थी टक्कर; इलाज के दौरान तोड़ा दम, बीडीओ और थाना प्रभारी जाम हटवाने में जुटे; मुखिया ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
सिमरिया (चतरा) | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-22 (बगरा-जबड़ा रोड) पर रविवार को रफ्तार के जानलेवा कहर ने एक और गरीब परिवार के कमाऊ सदस्य को हमेशा के लिए छीन लिया। एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक की भीषण टक्कर से ऑटो चालक गोपाल पांडेय (निवासी- बेलगड़ा) गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने हजारीबाग में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इस दुखद मौत के बाद पोस्टमार्टम कराकर जैसे ही शव गांव पहुंचा, समूचे बेलगड़ा और आसपास के इलाकों में जनाक्रोश भड़क उठा। गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर मुख्य सड़क पर शव रखकर महा-जाम लगा दिया है।
पीछे से काल बनकर आया ट्रक; सवारियां सुरक्षित, चालक पक्की सड़क पर जा गिरा
घटना के संदर्भ में मिली इनसाइड ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बेलगड़ा निवासी बद्री पांडेय के पुत्र गोपाल पांडेय रोज की तरह रविवार सुबह अपने ऑटो में जबड़ा से सवारियां लेकर बगरा की ओर आ रहे थे। पूरा ऑटो सवारियों से भरा हुआ था।
इसी दौरान, एनएच-22 बगरा-जबड़ा मार्ग पर पीछे से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने गोपाल के ऑटो में जोरदार और शक्तिशाली टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ने की स्थिति हो गई। गनीमत यह रही कि ऑटो के भीतर बैठीं सभी सवारियां इस हादसे में पूरी तरह सुरक्षित बच गईं, लेकिन किस्मत ने ऑटो चालक गोपाल पांडेय का साथ नहीं दिया। ट्रक के झटके से गोपाल वाहन से छिटककर सीधे नीचे पक्की कंक्रीट सड़क पर जा गिरे, जिससे उनके सिर और छाती में गंभीर आंतरिक चोटें आईं।
सिमरिया से हजारीबाग रेफर, इलाज के दौरान थमीं सांसें
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए लहूलुहान अवस्था में पड़े गोपाल को तुरंत सिमरिया रेफरल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मुस्तैद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन गोपाल की नाजुक और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें तत्काल हजारीबाग अस्पताल रेफर कर दिया।
अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव होने के कारण आखिरकार हजारीबाग में इलाज के दौरान गोपाल पांडेय ने दम तोड़ दिया। मौत की आधिकारिक पुष्टि के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा हजारीबाग में ही शव का विधिक अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) कराया गया। इधर, सिमरिया थाना पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
शव सड़क पर रख ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; बीडीओ चंद्रदेव प्रसाद और पुलिस बल मौके पर तैनात
रविवार दोपहर बाद जैसे ही गोपाल पांडेय का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव बेलगड़ा पहुंचा, परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया। घटना से उद्वेलित और आक्रोशित ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजे की मांग को लेकर शव को बीच सड़क पर रखकर एनएच-22 को पूरी तरह जाम कर दिया। चक्का जाम के कारण तपती धूप में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सड़क जाम और बढ़ते तनाव की सूचना मिलते ही सिमरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्रदेव प्रसाद और सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह भारी पुलिस बल (दलबल) के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी चिलचिलाती धूप में प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने-बुझाने और विधिक प्रावधानों के तहत जाम हटाने के प्रयास में लगातार जुटे हुए हैं।
“अत्यंत गरीब परिवार को तुरंत मिले मुआवजा, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन” : मुखिया नरेश साहु
जाम स्थल पर मौजूद स्थानीय मुख्या नरेश साहु ने पीड़ित परिवार की लाचारी को देखते हुए जिला प्रशासन और उपायुक्त रवि आनंद से तत्काल आर्थिक सहायता और पारिवारिक लाभ योजना के तहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की।
मुखिया नरेश साहु ने कड़े लहजे में प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा:
“गोपाल पांडेय का परिवार अत्यंत गरीब और असहाय है, वह पूरे घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था. सिमरिया प्रशासन सड़क दुर्घटनाओं के अन्य मामलों में जिस त्वरित गति से मुआवजा दिलाता है, उसी तर्ज पर इस पीड़ित परिवार को भी उचित और लिखित मुआवजा दिया जाए. यदि चतरा जिला प्रशासन ने जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाया और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो तमाम ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे.”
समाचार लिखे जाने तक मृतक गोपाल पांडेय के घर और मुख्य सड़क पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है। प्रशासनिक मुस्तैदी के कारण फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है।




















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