गली में मची अफरा-तफरी; परिजनों के इंतजार में पुलिस ने नहीं खोला कमरे का दरवाजा
हजारीबाग | न्यूज स्केल लाइव
झारखंड में शिक्षा के प्रमुख हब के रूप में विख्यात हजारीबाग शहर के कोर्रा थाना क्षेत्र से एक बेहद ही सनसनीखेज, मर्मदाही और स्तब्ध कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। शहर के हृदयस्थली कोर्रा चौक स्थित मुसन साव गली में संचालित “कुमार बॉयज हॉस्टल” के एक कमरे से स्नातक (ग्रेजुएशन) के एक अत्यंत प्रतिभाशाली छात्र का कथित रूप से फंदे से झूलता हुआ शव बरामद किया गया है। इस अनहोनी की खबर जैसे ही हॉस्टल से बाहर आई, पूरे मुसन साव गली और हजारीबाग के छात्र गलियारों में हड़कंप और कोहराम मच गया।
मृतक छात्र की पहचान पंकज कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले गिरिडीह का रहने वाला था और हजारीबाग में रहकर अपने सुनहरे भविष्य को गढ़ रहा था। इस हृदयविदारक घटना के बाद से हॉस्टल सहित आसपास के अन्य लॉज-मेस में रहने वाले हजारों छात्रों और स्थानीय नागरिकों के बीच गहरा सन्नाटा, खौफ और शोक का माहौल पसर गया है। फिलहाल, छात्र द्वारा उठाए गए इस अप्रत्याशित आत्मघाती कदम के पीछे के मूल कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, जिसे लेकर पुलिस प्रेम-प्रसंग, मानसिक तनाव और साइबर-एंगल सहित हर बिंदु पर गहराई से तफ्तीश कर रही है।
कंप्यूटर कोडिंग का बेजोड़ एक्सपर्ट था पंकज; छात्रों के लिए बनाया था “वन नियर” ऐप
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरिडीह निवासी पंकज कुमार सिंह हजारीबाग में ग्रेजुएशन सेमेस्टर-1 का छात्र था। वह मुसन साव गली के कुमार बॉयज हॉस्टल के दूसरे तल्ले (सेकंड फ्लोर) पर एक कमरा अकेले किराए पर लेकर रह रहा था। हॉस्टल के सहपाठियों और लॉज के अन्य लड़कों ने बताया कि पंकज न केवल पढ़ाई-लिखाई में बेहद तेज था, बल्कि उसकी सबसे बड़ी खासियत टेक्नोलॉजी (तकनीक) के क्षेत्र में उसकी बेजोड़, अद्भुत और गहरी रुचि थी। वह अपने कमरे में अक्सर घंटों कंप्यूटर कोडिंग, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग और डिजिटल तकनीकों पर काम करता रहता था।
एक होनहार और उभरते हुए डेवलपर के रूप में पंकज की पहचान सोशल मीडिया और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच भी तेजी से स्थापित हो रही थी। ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों से हजारीबाग आकर पढ़ाई करने वाले गरीब और नए छात्रों की रोजमर्रा की परेशानियों को पंकज ने बेहद करीब से महसूस किया था। बाहर से आने वाले छात्रों को शहर में पैर रखते ही रहने के लिए सही कमरा, लॉज या हॉस्टल खोजने में होने वाली भारी दिक्कतों और स्थानीय दलालों (ब्रोकर्स) के चंगुल से बचाने के लिए पंकज ने अपनी तकनीकी सूझबूझ से “वन नियर” (One Near) नाम से एक बेहतरीन मोबाइल एप्लीकेशन (ऐप) तैयार किया था। इस डिजिटल ऐप के माध्यम से कोई भी नया छात्र घर बैठे ही अपने बजट के अनुसार शहर के किसी भी कोने में रूम खोज सकता था। पंकज के इस अनूठे और विशुद्ध जन-सरोकार से जुड़े इस डिजिटल प्रयास की हजारीबाग के नागरिकों, लॉज मालिकों और समूचे छात्र समुदाय द्वारा बड़े पैमाने पर सराहना की जाती थी।
संवेदनशीलता के साथ परिजनों का इंतजार कर रही कोर्रा पुलिस; बंद है दरवाजा
घटना की भनक मिलते ही स्थानीय कोर्रा थाना पुलिस बिना एक पल का वक्त गंवाए दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तुरंत त्वरित कार्रवाई के तहत गिरिडीह में रह रहे पंकज के बदहवास परिजनों को फोन पर इस अनहोनी की सूचना दी।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक हॉस्टल के उस कमरे का दरवाजा पुलिस प्रशासन द्वारा खोला या तोड़ा नहीं गया था। बताया जा रहा है कि विधिक अड़चनों, फोरेंसिक नियमों और दूर से आ रहे परिजनों की स्पष्ट अनुमति व भौतिक उपस्थिति न मिलने के कारण पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता और मर्यादा बरतते हुए दरवाजा तोड़ना उचित नहीं समझा।
वर्तमान में कोर्रा थाना की पुलिस परिजनों के हजारीबाग पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की मौजूदगी में कमरा खोलने के बाद ही शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा जाएगा। कमरे की सघन तलाशी और पंकज के लैपटॉप व मोबाइल की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौके से कोई सुसाइड नोट या अन्य सुराग मिलता है या नहीं।





















Total Users : 983244
Total views : 2750043